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॥ श्री गणेशाय नमः ॥

गुरु वंदना

श्रीगुरु चरन सरोज रज

श्रीगुरु चरन सरोज रज, निज मनु मुकुरु सुधारि। बरनउँ रघुबर बिमल जसु, जो दायकु फल चारि॥