॥ श्री राम जय राम जय जय राम ॥

श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में

Shri Ram Janki Baithe Hain Mere Seene Mein

श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में, देख लो मेरे दिल के नगीने में । मुझको कीर्ति ना वैभव ना यश चाहिए, राम के नाम का मुझ को रस चाहिए, सुख मिले ऐसे अमृत को पीने में, श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में । राम रसिया हूँ मैं, राम सुमिरण करूँ, सिया राम का सदा ही मै चिंतन करूँ, सच्चा आनंद है ऐसे जीने में, श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में । फाड़ सीना हैं, सब को ये दिखला दिया, भक्ति में मस्ती है, सबको बतला दिया, कोई मस्ती ना, सागर को मीने में, श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में । श्री राम जानकी बैठे हैं मेरे सीने में, देख लो मेरे दिल के नगीने में ।
🙏 जय श्री राम • जय हनुमान 🙏
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